About Us

वैद जी के अनुसार "1984 ई। में, जब मेरी आयु मात्र 17 वर्ष की थी, मेरे मन में एक विचारधारा थी कि इस विचार धारा को ध्यान में रखते हुए मेरे जीवन में कुछ विशेष किया जाना चाहिए,

मैंने प्राचीन आयुर्वेद पर कठोरता और गंभीर चिंतन को अपनाया। यज्ञ ने अग्निहोत्र को अपनाया और धीरे-धीरे आयुर्वेद का अनुभव शुरू हुआ।


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What We Do

जितना भी यह जगत है मानो चार प्रकार की श्रेणियां हमें दृष्टिगत होती है। सर्वप्रथम स्थावर द्वितीय अण्डज और जगम व उदभिज यह चार प्रकार की श्रृष्टि कहलाता है यह चारों प्रकार की सृष्टि एक दूसरे में ओत-प्रोत रहती है। अर्थात् आयुर्वेद हमारे महान ग्रन्थ अथर्ववेद का अंग है। जो परमात्मा की वाणी है।

HARITVATI

यह वटी वायु नाशक है शरीर के किसी भी अंग में दर्द, सूजन, सुन्नपन, चीटींयां सी चलना, नसों का अवरूद्ध...

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HEMANTVATI

यह वटी पदमका जैसी महान औषधियों के समावेश व कई दिव्य औषधियों के सघांत रस से घन के रूप् में..

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SOMVATI

यह वटी अग्नि नाशक है जैसे सरदर्द (माईग्रेन) आधे व पूरे सिर के दर्द में बेहद उपयोगी है। सेवन विधि...

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LEUCOHAR

उपयोग- यह वटी पपत्त (अग्नि) िाशक है। जैसे सफेद प्रदर, रक्त प्रदर, गुपताांगों में जलि...

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Our Features

यह सभी औषधि भारत सरकार से मान्यता प्राप्त है।

प्राचीन आयुर्वेद

औषधियों में प्राचीन आयुर्वेद का समावेश है।p>

औषधि

औषधि यज्ञों, पुट्ठों, पंचांगों पर आधारित है

वनस्पति विज्ञान

औषधि पूर्णरूप से वनस्पति विज्ञान पर आधारित है।